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Showing posts from November, 2025

सरल तरीके से ज्योतिष सीखते हैं

                                            सरल तरीके से ज्योतिष सीखते हैं  - पार्ट --1  मित्रों नमस्कार! आइए हम सरल तरीके से ज्योतिष सीखते हैं, विश्वास मानिये आप जरूर सीख सकते हैं। आज हम सीखते हैं कुंडली क्या होती है.? सरल भाषा में जातक के जन्म-समय में ब्रह्माण्ड में ग्रहों, नक्षत्रों की स्थिति को जन्मकुंडली कहते हैं, या यूँ कहें कि ये हमारे जन्म समय के ग्रहों की घरों में स्थिति का नक्शा है, इसे ही जन्म कुंडली कहते हैं।  जन्मकुंडली में 12 घर या भाव होते हैं।  पहला घर : इस घर (भाव) या 1st हाउस को लग्न कहते हैं। ये हम यानि ख़ुद, हमारा शरीर,  हमारा व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, शारीरिक बनावट, स्वभाव, गुण,  विद्या, मस्तिष्क, आकृति, सूर्य इस घर का कारक ग्रह है दूसरा घर :  इसे धन, कुटुंब (परिवार), वाणी, वाकपटुता, बोलने की कला, क्षमता, दाहिनी आँख को दर्शाता है। इससे हम जीभ, नाक और चेहरे का विचार भी कर सकते हैं, गुरु ग्रह इस घर का कारक है। तीसरा घर...